pep.zone
Welcome, guest. You are not logged in.
Log in or join for free!
 
Stay logged in
Forgot login details?

Login
Stay logged in

For free!
Get started!

Text page


lion.... - Animals/Nature Comics/Fantasy/Anime
islamic.jihad.in.india.pep.zone

वीर पृथ्वीराज तक के जिहादी युद्ध

पश्चिमोत्तर के तीनों हिन्दू राज्यों-सिंघ, काबुल और जाबुल ने लगभग पांच सौ वर्षों तक मुसलमानों से टक्कर लीं। काबुलपराजय के बाद हज्जाज ने सिंघ पर हमला करने केलिए पहले अब्दुला ओर बाद में बुदेल को भेजा। परन्तु ये दोनों ही हिन्दुओं के हाथों मारे गए (चचनामा, खं. १, पृ. ७१-७२, मिश्रा, वही, पृ. १९)। इससे आक्रोशित हज्जाज ने ७११ में अपने दामाद मुहम्मद बिन कासिम को एक बड़ी सेना के साथ विंध पर हमला करने को भेजा। यहाँ ब्राह्मणों के अंध-विश्वास, बौद्धों और उसकेवजीर सिस्कार के विश्वासघात के कारण सिंघ नरेश दाहिर संयोगवश युद्ध करते हुए जून ७१२ में मारा गया। उसकी बहादुर लाड़ो रानी ने अपने समस्त आभूषण और सरकारी खजाना हिन्दू योद्धाओं को पुरस्कार में देकर उन्हें युद्ध के लिए उत्साहित किया। परन्तु ७१४ तक सिंघ पूरी तरह पराजित हो गया। नए खलीफा सुलेमान ने द्वेषवश कासिम को बुलाकर जेल मेंडाल किया, जहाँ वह मर गया (ई. डा. खं.१, पृ. ४३७) कासिम के जाते ही सिंघ के अधिकांश बलात धर्मान्तरित मुसलमान पुनः हिन्दू धर्म में आ गए।
काबुल ओर जाबुल के हिन्दू राजा ६५० से ८६० तक अरबों के साथ कभी हार कभी जीत के साथ संघर्ष करते रहे। परन्तु ८७० में अरबों ने शान्ति संधि के प्रस्ताव के बहाने मिलने पर जाबुल के निहत्थे हिन्दू राजा की धोखे से हत्या कर दी। (ई. डा. खं. २, पृ. १७६-१७८, मिश्रा वही, पृ. ३८)
मगर काबुल के शाही वंश ने सुबुक्तगीन (९७७-९९७) और महमूद गजनवी (९९८-१०३०) से अनेक संघर्ष किए। काबुल के हिन्दू राजा जयपाल ने न केवल सुबुक्तगीन को भारत पर हमला करने से रोका, बल्कि (९८६-९८७) में गजनी पर हमला भी किया। जहाँ कई दिनों तक युद्ध चला तथा जयपाल जीत के कगार पर था और सुबुक्तगीन व मुहम्मद दोनों ही निराश थे। परन्तु यकायक बर्फीली आँधी के कारण विवश हो जयपाल को संधि करनी पड़ी।
सुबुक्तगीन के बाद ९९८ में महमूद गजनी की गद्‌दी पर बैठा जिसके बारे में डॉ. साचू लिखता हैः ”महमूद के लिए सारे हिन्दू काफिर हैं। वे सभी जहन्नम भेजने योग्य हैं क्योंकिवे लॅटने से इन्कार करते हैं।” (पी.एन.ओक, भारत में मुस्लिम सुलतान खं.१, पृ. ५९) तथा प्रो. हबीव के अनुसार ...


This page:




Help/FAQ | Terms | Imprint
Home People Pictures Videos Sites Blogs Chat
Top
.